पोस्ट अपडेटेड: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
Dhanteras 2026 ke Din Kya Kharidna Chahiye: धनतेरस दीपावली का पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। साल 2026 में यह पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी की इस शाम को माता लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजें घर में धन, आरोग्य और खुशहाली लाती हैं। लेकिन हर चीज शुभ नहीं होती। सही सामान चुनना और सही समय पर खरीदना बहुत जरूरी है।
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धनतेरस पर सबसे शुभ खरीदारी क्या है?
सबसे पहले सोना और चांदी का नाम आता है। छोटे सिक्के, अंगूठी या हल्का आभूषण भी काफी है। सोना स्थिरता और वैभव का प्रतीक माना जाता है, जबकि चांदी शुद्धता और सौभाग्य लाती है। कई परिवार छोटे चांदी के सिक्के या लक्ष्मी-गणेश की आकृति वाले सिक्के खरीदते हैं और पूजा में रखते हैं।
दूसरा महत्वपूर्ण सामान है धातु के बर्तन। पीतल, तांबा या कांसे के बर्तन खासतौर पर शुभ माने जाते हैं। भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के समय पीतल के कलश के साथ प्रकट हुए थे, इसलिए पीतल के बर्तन खरीदना आरोग्य और समृद्धि दोनों के लिए अच्छा माना जाता है।
रोजमर्रा की सस्ती लेकिन बहुत शुभ चीजें
हर किसी के बजट में सोना-चांदी नहीं आता। ऐसे में ये चीजें भी बेहद शुभ हैं:
- नई झाड़ू: माता लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती है। घर की सफाई और नकारात्मक ऊर्जा हटाने का संदेश देती है।
- साबुत धनिया: धन-धान्य और वृद्धि का प्रतीक। कई परिवार इसे खरीदकर पूजा में रखते हैं।
- नमक: घर की पवित्रता बनाए रखने के लिए।
- हल्दी की गांठ या गोमती चक्र: समृद्धि और सुरक्षा के लिए।
- लक्ष्मी-गणेश की छोटी मूर्ति: पूजा के लिए सबसे उपयुक्त।
ये सामान सस्ते हैं और परंपरा के अनुसार पूरे साल घर में लक्ष्मी का वास बनाए रखते हैं।
धनतेरस 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त
विवरण जानकारी धनतेरस की तारीख शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 त्रयोदशी तिथि शुरू 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली) शाम 6:02 से 7:57 बजे प्रदोष काल शाम 5:33 से 8:09 बजे सबसे शुभ खरीदारी समय प्रदोष काल के आसपास
शहर के अनुसार मुहूर्त थोड़ा बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग जरूर देख लें।
क्या न खरीदें और किन बातों का ध्यान रखें
कुछ चीजें इस दिन नहीं खरीदनी चाहिए। लोहे की चीजें, काला सामान, जूते-चप्पल या टूटी-फूटी वस्तुएं अशुभ मानी जाती हैं। पुरानी चीजें बदलने का भी ध्यान रखें। खरीदारी के बाद सामान को घर लाकर पूजा स्थल के पास रखें और दीप जलाकर लक्ष्मी-कुबेर की आरती करें। शाम को यम दीपदान भी जरूर करें।
निष्कर्ष
धनतेरस सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि सही सोच और शुभ शुरुआत का पर्व है। चाहे सोना हो या साधारण झाड़ू और धनिया, भावना और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है। 6 नवंबर 2026 को शुभ मुहूर्त में खरीदारी करें, घर को साफ रखें और माता लक्ष्मी का स्वागत करें। इससे पूरे साल धन-धान्य और आरोग्य बना रहता है।
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