अपडेटेड: 4 नवंबर 2026 | शाम 10:40 बजे (IST)
दीपावली का पहला और सबसे शुभ दिन धनतेरस आ गया है। 2026 में यह पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। लक्ष्मी-कुबेर और धन्वंतरि की कृपा पाने के लिए सही मुहूर्त में पूजा करना बहुत जरूरी होता है। आइए एक्सपर्ट नजरिए से पूरी जानकारी साझा करते हैं।
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धनतेरस 2026 कब है और क्यों महत्वपूर्ण है?
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाने वाला धनतेरस दीपावली का आरंभिक पर्व है। इस साल त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह करीब 10:30 बजे शुरू होगी और 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी। चूंकि शाम का प्रदोष काल पूरी तरह त्रयोदशी में पड़ता है, इसलिए धनतेरस 6 नवंबर शुक्रवार को ही मनाया जाएगा।
इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। मान्यता है कि इस दिन सोना-चांदी या बर्तन खरीदने से घर में धन और स्वास्थ्य दोनों आते हैं। शुक्रवार होने के कारण शुक्र ग्रह की कृपा भी विशेष रूप से मिलती है।
धनतेरस 2026 पूजा मुहूर्त और महत्वपूर्ण समय
नई दिल्ली के अनुसार मुख्य मुहूर्त इस प्रकार है:
| विवरण | समय (नई दिल्ली, IST) |
|---|---|
| धनतेरस तारीख | शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 |
| त्रयोदशी तिथि शुरू | 6 नवंबर, सुबह 10:30 बजे |
| त्रयोदशी तिथि समाप्त | 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे |
| प्रदोष काल | शाम 5:33 से 8:09 बजे |
| पूजा मुहूर्त (वृषभ लग्न) | शाम 6:02 से 7:57 बजे |
| यम दीपदान | सूर्यास्त के बाद (प्रदोष काल में) |
नोट: अन्य शहरों में समय थोड़ा अलग हो सकता है। मुंबई में लगभग 6:35 से 8:35 बजे, कोलकाता में 5:28 से 7:26 बजे और जयपुर में 6:11 से 8:07 बजे मुहूर्त रहता है। स्थानीय पंचांग जरूर देख लें।
धनतेरस पूजा विधि और जरूरी रीति-रिवाज
घर को साफ-सुथरा करके रंगोली बनाएं। शाम को प्रदोष काल में पूजा शुरू करें।
- गणेश जी का आह्वान करके फिर लक्ष्मी-कुबेर और धन्वंतरि की पूजा करें।
- चावल, फूल, दूर्वा, रोली और मिठाई चढ़ाएं।
- सोने-चांदी के सिक्के या बर्तन पूजा में रखें।
- यम दीपदान जरूर करें – घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर एक दीपक जलाएं। इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
पूजा के बाद परिवार के साथ मिठाई बांटें और दीप जलाकर घर रोशन करें।
धनतेरस पर क्या खरीदें और महत्वपूर्ण टिप्स
इस दिन खरीदारी सबसे शुभ मानी जाती है। सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू या कोई नया उपकरण घर लाएं।
- सोना-चांदी खरीदने का समय पूरी त्रयोदशी में शुभ है, लेकिन दोपहर 12:05-1:27 और शाम 4:10-5:32 जैसे चौघड़िया मुहूर्त और बेहतर रहते हैं।
- राहुकाल से बचें।
- झाड़ू खरीदने की परंपरा भी है – इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- घर में नया बर्तन या तराजू लाने से समृद्धि बढ़ती है।
एक छोटी सी सलाह: समय की सटीकता बहुत मायने रखती है। सही मुहूर्त जानने के लिए विश्वसनीय स्रोत का इस्तेमाल करें। अधिक सटीक कैलिब्रेशन और टाइमिंग से जुड़े समाधान के लिए gmdcalibration.in जैसे विशेषज्ञ प्लेटफॉर्म की मदद ली जा सकती है।
निष्कर्ष
धनतेरस 2026 सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, धन और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। 6 नवंबर को शाम 6:02 से 7:57 बजे के बीच पूजा करके माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करें। घर साफ रखें, दीप जलाएं और परिवार के साथ खुशियां बांटें। सही मुहूर्त और श्रद्धा से की गई पूजा पूरे साल समृद्धि लाती है।
शुभ धनतेरस! लक्ष्मी माता की कृपा आप सब पर बनी रहे।